Bhai Tera Star Hai Review: राघव जुयाल और संजय कपूर की फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ कैसी है? जानिए कहानी, अभिनय, निर्देशन और कॉमेडी का पूरा रिव्यू।
‘Bhai Tera Star Hai’ रिव्यू: उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती फिल्म
राघव जुयाल अपनी अलग डांसिंग स्टाइल और कॉमिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। फिल्म ‘Bhai Tera Star Hai’ से भी दर्शकों को एक ऐसी मजेदार कॉमेडी की उम्मीद थी, जिसमें हंसी के साथ एक दिलचस्प कहानी देखने को मिले। फिल्म 30 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। हालांकि, फिल्म देखने के बाद ऐसा लगता है कि इसका आइडिया जितना दिलचस्प था, उसे पर्दे पर उतनी मजबूती के साथ पेश नहीं किया गया।
Bhai Tera Star Hai Review की बात करें तो फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसकी कमजोर और जरूरत से ज्यादा खिंची हुई कहानी है। कई जगह ऐसा महसूस होता है कि कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर स्क्रीन टाइम बढ़ाया गया है।
क्या है ‘Bhai Tera Star Hai’ की कहानी?
फिल्म की कहानी अजय नाम के एक स्ट्रगलिंग अभिनेता के इर्द-गिर्द घूमती है। अजय लंदन में रहता है और अभिनेता बनने का सपना देखता है। लेकिन फिल्मों में बड़ा ब्रेक मिलने से पहले ही उसकी जिंदगी पैसों की परेशानी में फंस जाती है।
अजय को बार ऑनर फैटी से 10 हजार पाउंड उधार लेने होते हैं। पैसे जुटाने के लिए वह अपनी बहन की प्रेग्नेंसी और फिर गर्भपात की झूठी कहानी बना देता है। मामला यहीं नहीं रुकता। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी भी अपने भाई से पैसे लेने के लिए खुद के गर्भवती होने का झूठ बोल देती है।
इसके बाद दोनों के झूठ आपस में जुड़ते चले जाते हैं। एक झूठ को छिपाने के लिए दूसरा झूठ बोलना पड़ता है और धीरे-धीरे स्थिति ऐसी बन जाती है कि किरदार खुद अपनी बनाई हुई गलतफहमियों में फंसते चले जाते हैं।
शुरुआत में यह कॉन्सेप्ट कॉमेडी के लिए अच्छा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, वही गलतफहमियां दोहराव जैसी महसूस होने लगती हैं।
राघव जुयाल की एक्टिंग कैसी है?
राघव जुयाल फिल्म के मुख्य आकर्षण हैं। इससे पहले वह अपने अभिनय और खासकर ‘किल’ में अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित कर चुके हैं। इसलिए उनसे इस फिल्म में भी कुछ अलग और प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद थी।
लेकिन Bhai Tera Star Hai Movie Review में राघव का प्रदर्शन फिल्म की कमजोर स्क्रिप्ट के कारण ज्यादा असरदार नहीं बन पाता। उनके किरदार में कई जगह ओवर-द-टॉप कॉमेडी देखने को मिलती है। कुछ संवादों की अदायगी भी इतनी तेज या अस्पष्ट है कि उनका प्रभाव कम हो जाता है।
कॉमेडी फिल्म में सबसे जरूरी चीज उसकी टाइमिंग होती है। यहां कई बार पंचलाइन आती है, लेकिन उसके लिए जरूरी बिल्डअप और टाइमिंग गायब नजर आती है। नतीजा यह होता है कि जिस सीन से हंसी आने की उम्मीद होती है, वह दर्शकों को उल्टा परेशान करने लगता है।
संजय कपूर ने संभालने की कोशिश की
संजय कपूर फिल्म के उन कलाकारों में हैं जो अपने हिस्से का काम पूरी ईमानदारी से करते नजर आते हैं। उनका किरदार फिल्म में कुछ ऊर्जा लाने की कोशिश करता है।
हालांकि, कलाकार का प्रदर्शन तभी ज्यादा प्रभाव छोड़ता है जब उसके किरदार को मजबूत तरीके से लिखा गया हो। यहां कमजोर स्क्रीनप्ले के कारण संजय कपूर की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता।
उनकी मौजूदगी कई दृश्यों को संभालती जरूर है, लेकिन पूरी फिल्म को बचाने के लिए सिर्फ उनका अभिनय काफी साबित नहीं होता।
सपोर्टिंग कास्ट का प्रदर्शन
फिल्म में निहारिका एनएम, विवान भटेना, निकी वालिया, बरखा सिंह, विकल्प मेहता और पार्वती ओमनाकुट्टन जैसे कलाकार भी नजर आते हैं।
सपोर्टिंग कास्ट ने अपने-अपने किरदार निभाने की कोशिश अच्छी तरह की है। समस्या कलाकारों से ज्यादा उनके किरदारों की लिखावट में है। कई पात्रों को ठीक से विकसित नहीं किया गया है, जिसकी वजह से दर्शक उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं पाते।
फिल्म खत्म होने के बाद भी ज्यादातर किरदार लंबे समय तक याद नहीं रहते।
निर्देशन और स्क्रीनप्ले
फिल्म का निर्देशन विवेक बी. अग्रवाल ने किया है। कहानी और पटकथा पर विवेक बी. अग्रवाल और सुदीप्तो सरकार ने काम किया है।
फिल्म का मूल विचार एक मजेदार कॉमेडी के लिए अच्छा था। झूठ, गलतफहमी और एक के बाद एक बढ़ती परेशानियों से कॉमेडी पैदा करने का फॉर्मूला नया नहीं है, लेकिन सही लेखन और टाइमिंग के साथ यह आज भी काम कर सकता है।
दिक्कत यह है कि ‘भाई तेरा स्टार है’ में कहानी कई जगह एक ही जगह घूमती हुई महसूस होती है। एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं को इतना खींच दिया गया है कि दर्शक जल्दी से फिल्म के अगले पड़ाव पर पहुंचना चाहता है।
कॉमेडी में अगर दर्शक को बार-बार यह महसूस होने लगे कि सीन जरूरत से ज्यादा लंबा हो रहा है, तो फिल्म का मनोरंजन वाला पक्ष कमजोर पड़ जाता है। यहां भी कुछ ऐसा ही होता है।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कमजोर कॉमिक राइटिंग और असमान गति है। कुछ सीन ऐसे हैं जिनमें बेहतर संवाद और मजबूत पंचलाइन होती तो वे काफी मजेदार बन सकते थे।
इसके अलावा कई जगह ओवरएक्टिंग भी कॉमेडी के प्रभाव को कम करती है। कॉमेडी को स्वाभाविक रखने के बजाय जब कलाकारों की प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा बड़ी हो जाती है, तो सीन की विश्वसनीयता टूटने लगती है।
फिल्म में कई घटनाएं ऐसी हैं जो कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ गलतफहमियों को बढ़ाती हैं। इससे सेकंड हाफ में फिल्म थोड़ी थकी हुई महसूस होती है।
क्या ‘Bhai Tera Star Hai’ देखनी चाहिए?
अगर आप राघव जुयाल के बड़े फैन हैं और हल्की-फुल्की कॉमेडी के लिए सिनेमाघर जाना चाहते हैं, तो फिल्म को एक मौका दे सकते हैं। लेकिन अगर आप एक मजबूत कहानी, लगातार हंसाने वाली कॉमेडी और याद रह जाने वाले किरदारों की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो फिल्म आपको निराश कर सकती है।
Bhai Tera Star Hai Review का निष्कर्ष यही है कि फिल्म के पास मनोरंजन की अच्छी संभावना थी, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, लंबी खिंची कहानी और असमान कॉमिक टाइमिंग के कारण यह संभावना पूरी तरह सफल नहीं हो पाती।
‘Bhai Tera Star Hai’ Movie Details
फिल्म: Bhai Tera Star Hai
कलाकार: राघव जुयाल, संजय कपूर, निहारिका एनएम, निकी वालिया, बरखा सिंह, विवान भटेना, पार्वती ओमनाकुट्टन और विकल्प मेहता
निर्देशक: विवेक बी. अग्रवाल
लेखक: विवेक बी. अग्रवाल और सुदीप्तो सरकार
निर्माता: विवेक बी. अग्रवाल, अवंतिका हरि और सुनील रुपानी
रिलीज डेट: 30 जुलाई 2026
जॉनर: कॉमेडी
M. S. Siddiqui Prime News 24 के संपादक और मनोरंजन विषयों के लेखक हैं। वे बॉलीवुड, फिल्मों और एंटरटेनमेंट जगत से जुड़ी खबरों को सरल, रोचक और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को बिना अनावश्यक जटिलता के भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है।

